Anticipating second wave of Corona, night curfew in eight cities, market closed in urban areas from 10 pm, RT-PCR negative report mandatory for outside passengers, Chief Minister gave instructions to take several steps

मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों में दबाव बनाने वालों की 1 नहीं चलेगी, मुख्यमंत्री स्वविवेक से लेंगे फैसला

जयपुर राजनीति

जयपुर। राजस्थान सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार होने जा रहा है। इसी के साथ कांग्रेसियों को राजनीतिक नियुक्तियों की भी सौगात मिल सकती है। मंत्रिमंडल विस्तार की सूचना के साथ ही सभी गुट ज्यादा से ज्यादा फायदा लेने की कवायद में जुट गए हैं लेकिन कहा जा रहा है कि इस विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ही चलेगी और किसी भी प्रकार का दबाव काम नहीं आएगा।

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियां मुख्यमंत्री स्वविवेक से करते हैं। आलाकमान प्रदेश के हालात देखकर अक्सर इसमें कुछ सुझाव देता है लेकिन कभी दखल नहीं देता है। ऐसे में साफ हो जाता है कि मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ही करेंगे।

गौरतलब है कि एआईसीसी महासचिव और राजस्थान प्रभारी अजय माकन ने भी करीब एक पखवाड़े पहले ही अपने बयान में साफ कर दिया था कि मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियां मुख्यमंत्री और आलाकमान के बीच का मामला है। इससे साफ हो जाता है कि कोई कितना भी दबाव डाल ले, चलेगी मुख्यमंत्री की ही।

कहा जा रहा है कि संगठन में हुई नियुक्तियों में विभिन्न गुटों के प्रतिनिधियों को अच्छा-खासा प्रतिनिधित्व दिया गया लेकिन अब मंत्रिमंडल विस्तार में उन लोगों को तरजीह दी जाएगी जिन्होंने बगावत के दौरान सरकार बचाने में अहम भूमिका निभाई थी। यदि मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों में सरकार बचाने वालों के बजाय बगावतियों को ज्यादा मौका दिया जाता है तो फिर सरकार के सामने संकट खड़ा हो सकता है। वैसे भी बगावत करने वाले कांग्रेस में अपनी विश्वसनीयता खो चुके हैं।

बसपा से कांग्रेस में आए 6 विधायकों में से राजेंद्र गुढ़ा तो एक महीना पहले ही साफ कर चुके हैं कि उन्हें मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार है। मुख्यमंत्री निवास के बाहर मीडिया से गुढ़ा ने मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी पर तंज कसा था कि ‘शादी तो जवानी में ही अच्छी लगती है’ इससे स्पष्ट है कि सरकार बचाने वाले बेसब्री से मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने सरकार को समर्थन कांग्रेस की सेवा करने के लिए नहीं दिया है।

उल्लेखनीय है कि क्लियर न्यूज ने सबसे पहले 12 जनवरी को ‘ केसी वेणुगोपाल के जयपुर दौरे से मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं जोरों पर ‘ खबर प्रकाशित कर बता दिया था कि वेणुगोपाल के दौरे को मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों से जोड़कर देखा जा रहा है और मकर संक्रांति के बाद मंत्रिमंडल विस्तार देखने को मिल सकता है।

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