Action will be taken after the court's decision in hotel cases operating on forest land in Sariska

सरिस्का में वनभूमि पर संचालित होटल मामलों में न्यायालय के निर्णय के बाद हो सकेगी कार्रवाई

जयपुर

जयपुर। वन राज्य मंत्री सुखराम विश्नोई ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि सरिस्का अभ्यारण्य क्षेत्र में होटल सरिस्का पैलेस, टाइगर हेवन तथा अमन बाग रिसोर्ट के पूर्ण या आंशिक रूप से वन भूमि पर संचालित होने के मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। न्यायालय का निर्णय आने के बाद ही इनपर किसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।

विश्नोई प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि होटल सरिस्का पैलेस अलवर महाराजा का था, जिसे उन्होंने 1972 में योगेश सिंह को बेच दिया था। बाद में योगेश सिंह द्वारा 1982 में इसे मैसर्स शिब्बा व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड को बेच दिया गया। इस मामले की न्यायालय में सुनवाई की तारीख 17 मार्च 2021 को नियत की है। इसी प्रकार टाइगर हेवन अमराका बास प्रकरण भी संभागीय आयुक्त न्यायालय में विचाराधीन है, जिसकी सुनवाई की तारीख 16 फरवरी 2021 को नियत है।

उन्होंने बताया कि अमन बाग रिसोर्ट, अजबगढ़ मामले में भी उच्च न्यायालय में कार्यवाही विचाराधीन है। इसकी सुनवाई 2 फरवरी 2021 को की गई थी, जिसमें न्यायालय द्वारा 4 सप्ताह का समय दिया गया है।

इससे पहले विधायक जगसी राम के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में विश्नोई ने सरिस्का अभ्यारणय क्षेत्र में वन भूमि पर अवैध रूप से संचालित होटल एवं रिसोर्ट से संबंधित वन भूमि एवं की गई कार्रवाई तथा मैसर्स शिब्बा व्हील्स प्रा.लि. द्वारा अवैध रूप से संचालित होटल पर की गई कार्रवाई संबंधित विवरण सदन के पटल पर रखा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *