after-bengal-elections-congress-will-build-strategy-to-counter-owaisi-so-that-aimim-cannot-harm-in-uttar-pradesh-and-other-states

बंगाल चुनावों के बाद कांग्रेस बनाएगी आवैसी का ताबीज, ताकि उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में एआईएमआईएम नहीं पहुंचा सके नुकसान

जयपुर

जयपुर। बिहार विधानसभा चुनावों में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने महागठबंधन को भारी नुकसान पहुंचाया। मुस्लिम मतदाताओं ने भी ओवैसी की पार्टी का साथ दिया, जिसके कारण कांग्रेस का पारंपरिक वोट बैंक बंट गया और कांग्रेस को भी बिहार में फजीहत झेलनी पड़ी। इसी दौरान राजस्थान का मुस्लिम महापौर नहीं बनाए जाने का मामला भी ओवैसी के पास पहुंच गया और ओवैसी राजस्थान में राजनीतिक जमीन तलाशने लगे।

ओवैसी द्वारा राजस्थान में बीटीपी को समर्थन दिए जाने के बाद अब कांग्रेस में कहा जा रहा है कि वह बंगाल चुनाव में ओवैसी का प्रभाव देखेंगे। यदि बंगाल के चुनाव में ओवैसी की पार्टी कांग्रेस के वोटों पर प्रभाव डालने में कामयाब रही तो फिर कांग्रेस उत्तर प्रदेश चुनावों के पहले ओवैसी का कोई ना कोई ताबीज जरूर बनाएगी, ताकि एआईएमआईएम उत्तर प्रदेश और उसके बाद होने वाले राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ चुनावों पर प्रभाव नहीं डाल पाए।

ओवैसी के बीटीपी को समर्थन के मामले के बाद कांग्रेस आलाकमान ओवैसी को लेकर बेहद सतर्क हो गया है और यही कारण है कि ओवैसी के बीटीपी के समर्थन में किए गए ट्वीट के बाद एआईसीसी ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी से इस मामले की जानकारी ली। मतलब यह है कि राजस्थान समेत दिल्ली में ओवैसी के इलाज के लिए टोटकों की तैयारी की जा रही है। इसका प्रभाव देखने को भी मिल रहा है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार जहां आदिवासी समुदाय को अपने साथ जोड़े रखने के लिए घोषणाएं कर रही है, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम समाज को भी निकट भविष्य में राजनीतिक नियुक्तियों और संगठन में अतिरिक्त लाभ दिया जा सकता है।

WhatsApp Image 2020 12 16 at 5.39.27 PM

कांग्रेस सूत्र बताते हैं कि आलाकमान इस समय बंगाल से ज्यादा उत्तर प्रदेश को लेकर चिंतित है, क्योंकि एआईएमआईएम लगातार उत्तर प्रदेश के मुस्लिम बहुल इलाकों में अपना प्रभाव बढ़ाती जा रही है। ओवैसी ने भी अभी से ही उत्तर प्रदेश की ओर ध्यान देना शुरू कर दिया है। ओवैसी उत्तर प्रदेश में छोटे दलों के साथ सहयोग की रणनीति पर चल रहे हैं और इसी के तहत उन्होंने ओपी राजभर से मुलाकात की है। जल्द ही वह शिवपाल यादव से भी मुलाकात कर सकते हैं। अब देखने वाली बात यह है कि क्या कांग्रेस ओवैसी का ताबीज बना पाएगी या नहींï?

उधर सूत्र यह भी बता रहे हैं कि आवैसी और उनकी पार्टी एआईएमआईएम प्रदेश के मुस्लिम समाज में चर्चा का विषय बने हुए हैं। मुस्लिम महापौर नहीं बनाने से खफा समाज के लोगों ने सोश्यल मीडिया में इसको लेकर मीम्स भी चलाने शुरू कर दिए हैं। कहा जा रहा है कि कांग्रेस से नाराज लोगों ने ओवैसी से संपर्क साधना भी शुरू कर दिया है। इनमें कई राजनेता और मुस्लिम संगठन बताए जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *