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बाडेबंदी में विधायकों को कराए जाएंगे नोटिस तामील

जयपुर जैसलमेर राजनीति

बसपा विधायकों का कांग्रेस में विलय का मामला

11 अगस्त को एकल पीठ में फिर होगी सुनवाई

जयपुर। बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय के मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने मामले को निस्तारित कर दिया है। अब इस मामले में 11 अगस्त को एकलपीठ में सुनवाई होगी। खंडपीठ ने बसपा विधायकों को 8 अगस्त तक नोटिस तामील कराने के आदेश किए हैं।

विधायकों के बाड़ेबंदी में रहने के कारण जिला न्यायाधीश के जरिए नोटिस तामील कराए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर पुलिस अधीक्षक की भी मदद ली जा सकती है। साथ ही नोटिस को तामील कराने के लिए याचिकाकर्ता की ओर से स्थानीय अखबारों में भी नोटिस प्रकाशित कराया जाए। एकलपीठ स्टे एप्लिकेशन को 11 अगस्त तक तय करें।

बसपा के छह विधायकों के कांग्रस में विलय के बाद भाजपा विधायक मदन दिलावर ने विधानसभा अध्यक्ष के पास इस विलय को गलत बताते हुए बसपा विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग की थी। करीब चार महीनों बाद विधानसभा अध्यक्ष ने दिलावर की मांग को खारिज कर दिया था।

मामला खारिज होने के बाद दिलावर ने उच्च न्यायालय में एकल पीठ में इस संबंध में याचिका दायर की थी। एकल पीठ से भी दिलावर की याचिका खारिज हो गई। इस पर दिलावर ने दोबारा खंडपीठ में याचिका दायर की।

खंडपीठ ने गुरुवार सुबह दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी की और दोपहर दो बजे खंडपीठ ने इस मामले को निस्तारित कर दिया। इस मामले में मदन दिलावर का कहना है कि उनका पक्ष मजबूत है और फैसला उनके पक्ष में ही होगा। हम चाहते हैं कि बसपा विधायकों की सदस्यता खत्म की जाए और वह 14 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में हिस्सा नहीं ले पाएं।

दिलावर ने कहा कि पिछली सुनवाई में खंडपीठ ने स्पीकर, विधानसभा सचिव और बसपा विधायकों को नोटिस जारी किए थे। हमने खंडपीठ में दलील दी कि बाडेबंदी में होने के कारण विधायकों को नोटिस तामील नहीं हो पा रहे हैं।

ऐसे में खंडपीठ ने जिला न्यायाधीश और पुलिस अधीक्षक के जरिए नोटिस तामील कराने के आदेश दिए। साथ ही नोटिस अखबार में भी प्रकाशित कराने के आदेश दिए। आठ अगस्त तक नोटिस तामील कराने होंगे, ताकि 11 अगस्त को एकलपीठ में स्टे एप्लिकेशन तय हो सके।

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