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भक्तों के बिना मंदिरों में निकली रथ यात्राएं

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जयपुर। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के उपलक्ष्य में मंगलवार को अपरा (दूसरी) काशी जयपुर में रथयात्रा महोत्सव बिना भक्तों के आयोजित किया गया। शहर के सभी प्रमुख मंदिरों में पुजारियों ने रथयात्रा का आयोजन किया और विग्रहों को रथ में विराजमान कर परिक्रमा कराई गई। इस दौरान कोरोना संक्रमण गाइडलाइन के तहत भक्तों को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं रही।


शहर के आराध्य गोविंद देव मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक करावा कर चांदी के रथ में विराजित किया गया। इसके बाद पुजारियों ने हरिनाम संकीर्तन करते हुए निज मंदिर की परिक्रमा कराई गई। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी और प्रबंधक मानस गोस्वामी ने रथ को खींचा। चार परिक्रमा कर विग्रहों को पुन: गर्भगृह में प्रतिष्ठित किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मंदिर की वेबसाइट पर ऑनलाइन रथयात्रा के दर्शन किए।


चौड़ा रास्ता स्थित राधा-दामोदरजी मंदिर मे मंदिर महंत मलय गोस्वामी के सानिध्य में पुजारियों ने रथयात्रा का आयोजन किया। विग्रहों का मंत्रोच्चार से अभिषेक किया गया और रथ में विराजित कर गर्भगृह की परिक्रमा कराई गई। पुजारियों हरिनाम संकीर्तन और भजनों के साथ परिक्रमा की।


पानों का दरीबा स्थित सरस निकुंज में ठाकुर श्री राधा सरस बिहारी जी सरकार का श्रृंगार किया गया। उन्हें रथ में विराजित कर विराजमान झांकी के दर्शन कराए गए। श्री शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सानिध्य में ठाकुरजी को मधुर व्यंजन का भोग लगाया गया। इस दौरान पदों के गान के साथ ठाकुरजी की सेवा की गई।

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