dainik bhaaskar (dainik bhaskar) aur bhaarat nyooj chainal (bharat news chhannail) ke thikaanon par aayakar vibhaag (income tax department) ke chhaape (raids) , virodh mein sansad (parliament) ke donon sadanon mein hangaama aur sthagan

दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) और भारत न्यूज चैनल (Bharat News Channel) के ठिकानों पर आयकर विभाग (Income tax Department) के छापे (Raids) , विरोध में संसद (Parliament) के दोनों सदनों में हंगामा और स्थगन

जयपुर ताज़ा समाचार

देश के आयकर विभाग (Income tax Department) ने आज, 22 जुलाई को दो प्रमुख मीडियों समूहों के ठिकानों पर छापे मारे। विभाग ने दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) समूह के दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के कार्यालयों पर छापे मारे हैं। इसके अलावा भारत समाचर न्यूज चैनल (Bharat News Channel) के प्रमोटर और एडिटर-इन-चीफ की तलाशी भी जारी है। भारत न्यूज के कार्यालय और इनके प्रमोटर्स के आवास पर भी आयकर टीम पहुंची हुई है और उसकी छानबीन जारी है। 

यद्यपि संसद (Parliament) के मानसून सत्र में राज्यसभा और लोकससभा में कृषि कानूनों, फोन टैपिंग और जासूसी के मुद्दे पर पहले ही हंगामा हो रहा था लेकिन आयकर विभाग द्वारा मीडिया समूहों के विरुद्ध छापेमारी के समाचार से दोनों सदनों में जोरदार हंगामा हुआ और नारेबाजी की गई। दोनों ही सदनों को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर देना पड़ा।

दैनिक भास्कर की न्यूज वेबसाइट में इस समाचार क  संदर्भ में बताया गया है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान देश के सामने सरकारी कुप्रबंधन (mismanagement)  की असल तस्वीर रखने वाले दैनिक भास्कर ग्रुप के कई दफ्तरों पर गुरुवार तड़के आयकर विभाग ने छापा मारा है। विभाग की टीमें दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान स्थित दफ्तरों पर पहुंची है और कार्रवाई जारी है

कांग्रेस के नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि यह कार्रवाई देश के सच को निर्भीकता से उजागर कर रहे मीडिया समूह को दबाने की कोशिश है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर कहा कि ये छापे मीडिया को डराने का प्रयास हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस मामले पर ट्वीट के जरिये कहा है, ‘दैनिक भास्कर अखबार और भारत समाचार न्यूज़ चैनल के कार्यालयों पर इनकम टैक्स का छापा मीडिया को दबाने का एक प्रयास है। मोदी सरकार अपनी रत्तीभर आलोचना भी बर्दाश्त नहीं कर सकती है। यह भाजपा की फासीवादी मानसिकता है जो लोकतंत्र में सच्चाई का आइना देखना भी पसंद नहीं करती है। ऐसी कार्रवाई कर मोदी सरकार मीडिया को दबाकर संदेश देना चाहती है कि यदि गोदी मीडिया नहीं बनेंगे तो आवाज कुचल दी जाएगी।’


	

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