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‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान के लिए कोर ग्रुप का गठन

स्वास्थ्य

जयपुर। मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने प्रदेश भर में 26 अक्टूबर से प्रारंभ होने वाले ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन, सुचारू संचालन, प्रबंधन और प्रबोधन के लिए एक कोर ग्रुप का गठन किया है। ग्रुप में गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव और पशुपालन एवं डेयरी विभाग के शासन सचिव शामिल होंगे, जबकि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग समन्वयक की भूमिका निभाएगा। चिकित्सा विभाग ही इस ग्रुप का प्रशासनिक विभाग भी होगा।

स्वरूप द्वारा जारी निर्देश के अनुसार कोर ग्रुप जिला स्तरीय प्रबंधन समितियों एवं जिला कलक्टर से निरंतर संपर्क रख अभियान की अवधि में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले थोक और खुदरा व्यापारियों के विरूद्ध मौके पर ही सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ विधिक कार्रवाई का निरंतर फोलोअप सुनिश्चित करेगा ताकि दोषियों और अपराधियों को सजा दिलाई जा सके।

निदेर्शों के अनुसार ग्रुप द्वारा एक जिला स्तरीय प्रबंधन समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें कलक्टर-अध्यक्ष, जिला पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला रसद अधिकारी, प्रबंध निदेशक जिला डेयरी सदस्य होंगे, जबकि उप विधि परामर्शी, सहायक विधि परामर्शी और अतिरिक्त जिला कलेक्टर या समकक्ष अधिकारी संयोजक होंगे।

कमेटी के द्वारा जिले के ऐसे खाद्य पदार्थ उत्पादक बड़े थोक विक्रेता एवं खुदरा विक्रेता चिन्हित किए जाएंगे जहां मिलावट की संभावना अधिक है। समिति के द्वारा दैनिक आधार पर अभियान की समीक्षा कर जांच के लिए लिए गए सैंपल टेस्टिंग रिपोर्ट मौके पर नष्ट की गई सामग्री, दर्ज एफ आईआर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट क्रिमिनल कोर्ट में दर्ज किए गए प्रमाण पत्रों की समीक्षा की जाएगी।

इसके लिए एक जांच दल बनाया जाएगा, जिसमें उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी व अन्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी टीम लीडर व पुलिस उपाधीक्षक, पुलिस निरीक्षक, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, प्रवर्तन अधिकारी डेयरी का प्रतिनिधि सदस्य होंगे। दल के द्वारा जिला कलेक्टर द्वारा निर्धारित संस्थाओं का निरीक्षण कर नमूने लिए जाएंगे और मौके पर ही कठोर कार्रवाई करते हुए पास की टेस्टिंग लैब में नमूनों की जांच करवा कर आवश्यक विधिक कार्रवाई भी सुनिश्चित करेंगे।

गौरतलब है कि अभियान के अंतर्गत दूध, मावा, पनीर, दूध उत्पाद, आटा, बेसन, खाद्य तेल एवं घी, सूखे मेवे, मसालों की जांच की जाएगी। अभियान की अवधि में एडल्टरेशन, अनसेफ में संलिप्त उत्पादक के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सूचना देने वाले को सूचना सही पाए जाने पर 51 हजार की राशि दी जाएगी। इस अभियान के लिए कड़ी कार्रवाई का समुचित प्रचार-प्रसार किया जाएगा जिससे अन्य लोगों में भी मिलावट करने पर होने वाली कार्रवाई का भय उत्पन्न हो और मिलावट पर रोक लग सके।

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