गुर्जर आंदोलन नरम होता दिख रहा, बैंसला रेल पटरी की बजाय अन्यत्र भी बात को तैयार

जयपुर

जयपुर। राजस्थान में दो दिन से जारी गुर्जर आंदोलन के तेवर 3 नवंबर की रात कुछ नर्म पड़ता दिखाई दिए। गुर्जर समाज के एक गुट के नेता और गुर्जर आरक्षण समिति के अध्यक्ष किरोड़ी सिंह बैंसला जो आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं, अब बातचीत के जरिए समस्या के हल को तैयार दिख रहे हैं।  उन्होंने कहा है कि वर्तमान हालात के मद्देनजर वे रेलवे ट्रैक के अलावा अन्य स्थान पर जाकर भी बातचीत करने के लिए तैयार हैं।

तीसरे दिन भी जारी रहा आंदोलन

उधर, भरतपुर के बयाना क्षेत्र में आज तीसरे दिन भी रेलवे ट्रैक पर गुर्जर आंदोलन जारी रहा। हालांकि इस आंदोलन के विरुद्ध बयाना क्षेत्र के गुर्जर समाज के पंच पटेलों ने इस आंदोलन के खिलाफ पंचायत की है। उनका कहना है कि जब सरकार ने पूर्व में ही सभी मांग मान ली हैं तो अब आंदोलन का क्या औचित्य है और इसलिए इस क्षेत्र में शांति के लिए कर्नल बैंसला को यह आंदोलन समाप्त कर देना चाहिए। समझा जा रहा है कि इसी दबाव के चलते कर्नल बैंसला ने रेल पटरी की बजाय अन्यत्र बातचीत के लिए रजामंदी दी है।

सरकार आगे बात करने के लिए भी तैयार

गुर्जर आंदोलन और आमजन पर इससे पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार भी सक्रिय है। चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा का कहना है कि गुर्जर समाज यदि 14 बिन्दुओं के अलावा भी कुछ चाहता है, तो वार्ता से इसका हल निकालने की कोशिश की जानी चाहिए और सरकार वार्ता के लिए हमेशा तैयार है।

लोकगीत गाकर कर रहे समय व्यतीत

उधर, पीलूपुरा में रेलवे ट्रैक पर गुर्जर समाज के लोग आज मंगलवार को भी दिन भर बैठे रहे और रेल मार्ग जाम करके रखा। दिन भर गुर्जर समाज के लोगों ने लोकगीत गाते हुए समय बिताया। रेलवे ट्रैक रोक कर रखे जाने के कारण जयपुर मंडल में पिछले दो दिन में करीब 15 से अधिक रेलगाड़ियों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। इसके अलावा जयपुर मंडल से संचालित हो रही करीब 30 ट्रेनों को भी यहीं से बाई पास किया जा रहा है। इन हालात में यहां ट्रेनों का कंजेशन बढ़ गया है। यदि अगले दो दिन में में ट्रैक खाली नहीं करवाया गया, तो बड़ी संख्या में ट्रेनों का रद्द होना तय माना जा रहा है। उधर आगरा जाने वाला सड़क मार्ग चालू है लेकिन आंदोलन समाप्त नहीं हुआ तो यह भी बंद हो सकता है।

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