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जयपुर में भी बने एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर

कारोबार जयपुर

जयपुर। उद्योग एवं राजकीय उपक्रम मंत्री परसादी लाल मीणा ने केंद्र सरकार से राज्य में तेजी से औद्योगिक विकास के लिए भीवाड़ी की तर्ज पर जयपुर में भी एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर स्वीकृत करने की मांग की है।

उन्होंने जयपुर, कोटा, उदयपुर, नागौर में भिवाड़ी सेंटर के एक्सटेंशन सेंटर स्वीकृत करने पर आभार व्यक्त करते हुए आग्रह किया कि जयपुर में एक्सटेंशन सेंटर के स्थान पर भिवाड़ी जैसा ही सेंटर स्वीकृत करने की आवश्यकता है, ताकि राजधानी में युवाओं के कौशल विकास की बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हो सके। इसके लिए भूमि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करा दी जाएगी।

मीणा एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर भिवाड़ी के वर्चुअल उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। सोमवार को केंद्रीय लघु एवं सूक्ष्म, मध्यम व लघु उद्योग मंत्री नितिन गड़करी ने सेंटर का उद्घाटन किया।

मीणा ने बताया कि भिवाड़ी एमएसएमई प्रौद्योगिकी केन्द्र के लिए राज्य सरकार ने 10.5 एकड भूमि नि:शुल्क उपलब्ध कराई है। भिवाड़ी का यह केन्द्र प्रदेश में उद्योगों और रोजगार के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा। केन्द्र में नवीनतम और आधुनिक मशीनों से युवाओं को प्रशिक्षण और उद्यम स्थापित करने का प्रशिक्षण व जानकारी दी जाएगी। उन्होंने दौसा, बीकानेर, भरतपुर, अजमेर और जोधपुर के लिए टेक्नोलॉजी सेंटर स्वीकृत करने की मांग की।

मीणा ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर आर्थिक विकास की रीढ़ है। सरकार ने प्रदेश में नया एमएसएमई एक्ट लाकर तीन साल तक विभिन्न सरकारी अनुमतियों से छूट, सिंगल विंडो सिस्टम को सरल व प्रभावी बनाते हुए वन स्टॉप शॉप, युवाओं व उद्यमियों की ऋ ण जरुरतों को आसानी से पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री लघु उद्यम प्रोत्साहन योजना में अधिकतम 10 करोड़ रुपए तक का ऋण और अधिकतम 8 प्रतिशत ब्याज अनुदान जैसे सुधारात्मक कदम उठाए हैं।

एमएसएमई उद्योगों के बकाया भुगतान संबंधी विवादों के त्वरित निस्तारण के लिए एक के स्थान पर 3 नई सुविधा परिषद सहित चार सुविधा परिषदों का गठन कर बड़ी राहत दी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सभी संभागीय मुख्यालयों पर एमएसएमई सुविधा परिषद गठित करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इससे एमएसएमई उद्योगों के भुगतान के विवादों का समय पर निस्तारण हो सकेगा।

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