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जल जीवन मिशन के तहत राजस्थान के सभी जिलों के बकाया ‘विलेज एक्शन प्लान’ स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) तक

जयपुर ताज़ा समाचार

जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) सुधांश पंत ने प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत सभी जिलों में बकाया ‘विलेज एक्शन प्लान’ को तैयार करवाकर उनको आगामी 15 अगस्त को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में अनुमोदित कराने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने मंगलवार, 29 जून को शासन सचिवालय में राज्य स्तरीय क्रियान्वयन टीम के अधिकारियों के साथ बैठक में जेजेएम के तहत मेजर प्रोजेक्ट्स एवं रेग्युलर विंग के कार्यों की समीक्षा की। पंत ने कहा कि राज्य की वर्ष 2021-22 की वार्षिक कार्य योजना में सितम्बर 2021 तक सभी गांवों के ‘विलेज एक्शन प्लान’ तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए सभी जिलों में आईएसए (इम्प्लीमेंटेशन सपोर्ट एजेंसी) तथा वीडब्ल्यूएससी (ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति) को ग्रामीणों की सहभागिता से ‘विलेज एक्शन प्लान’ तैयार करने के कार्य जल्दी से पूरा करने में सक्रियता से जुटें, जिससे आगामी स्वतंत्रता दिवस को होने वाली ग्राम सभाओं में उनके अनुमोदन के साथ जेजेएम के तहत इस लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जा सके।

एसीएस ने बैठक में प्रदेश के गांवों में स्कूल, आंगनबाड़ी, ग्राम पंचायत, उप स्वास्थ्य केन्द्र और पटवार घर जैसे सरकारी भवनों को नल से जल कनेक्शन देने की प्रगति की भी समीक्षा की और ऐसे बकाया कार्यों को भी चरणबद्ध रूप से आगामी 15 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए वित्त आयोग के तहत आवंटित राशि का उपयोग किया जाये और कहीं पर वित्त आयोग की राशि से ये कार्य कवर नहीं हो रहे हों तो जेजेएम की गाइडलाइंस के अनुसार फंड का उपयोग करते हुए ऐसे सभी भवनों को नल से कनेक्शन दिया जाये।

पंत ने कहा कि जेजेएम के कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर राज्य सरकार का पूरा फोकस है। प्रदेश में कहीं भी निम्न क्वालिटी के कार्यों का प्रकरण प्रकाश में आने पर सम्बंधित फर्म के साथ-साथ विभाग के उन अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी, जिनके अधीन सुपरविजन में लापरवाही बरती गई है। उन्होंने विभाग की तकनीकी समिति के तहत जेजेएम के संदर्भ में अधिकारियों को निर्धारित नॉर्म्स के तहत सभी कार्यों का सघन निरीक्षण करने के सम्बंध में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके आधार पर जेजेएम में ‘हर घर नल कनेक्शन’ के कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सर्कुलर जारी किया जाएगा।

एसीएस ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि रेग्युलर विंग और मेजर प्रोजेक्ट्स के तहत जेजेएम से सम्बंधित कार्यों की प्रगति, बजट और व्यय से सम्बंधित सूचनाओं को रियल टाइम बेसिस पर आईएमआईएस पोर्टल पर अपडेट किया जाये। पेयजल की गुणवत्ता जांच के लिए पूरे प्रदेश में जितने सेम्पल लिए जा रहे हैं, उनकी सूचना भी डब्ल्यूक्यूएमआईएस (वाटर क्वालिटी मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) पर नियमित रूप से अपडेट हो। फील्ड में सम्पादित गतिविधियों और आईएमआईएस पर अपलोड डाटा में किसी प्रकार का अंतर नहीं हो इसके लिए सूचनाओं को रोजाना नियत समय पर अद्यतन करने भी पूरा ध्यान दिया जाए।

पंत ने इस बात पर जोर दिया कि जेजेएम के तहत ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं में लोगों को ‘हर घर नल कनेक्शन’ का लम्बे समय तक पूरा लाभ मिले, इसके लिए जल स्रोतों के रिचार्ज के लिए भी संरचनाओं का निर्माण किया जाये। उन्होंने वॉटर रिचार्ज, जल संरक्षण और जल की बचत के मसले पर वीडब्ल्यूएससी के सदस्यों के माध्यम से प्रभावी और ठोस कार्यवाही करने की आवश्यकता जताते हुए पुराने हैंडपम्प और ट्यूबवेल के आस पास भी ग्राउंड वाटर रिचार्ज संरचनाओं के निर्माण के निर्देश दिए।

बैठक में विशिष्ट शासन सचिव उर्मिला राजोरिया, मुख्य अभियंता (ग्रामीण) आरके मीना, मुख्य अभियंता (विशेष प्रोजेक्ट्स) दिलीप कुमार गौड़, मुख्य अभियंता (तकनीकी) संदीप शर्मा, वित्तीय सलाहकार कोमल आगरी, डब्ल्यूएसएसओ के निदेशक मनीष बेनीवाल और चीफ कैमिस्ट राकेश माथुर मौजूद रहे।

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