vaayaral veediyo maamale mein eseebee ne jayapur kee nilambit mahaapaur (suspended mayor) saumya ke pati raajaaraam va beeveejee kampanee ke ek pratinidhi omkar sapre ko kiya giraphtaar, raashtreey svayansevak sangh (rss) prachaarak nimbaaraam par mukadama darj

वायरल वीडियो मामले में एसीबी ने जयपुर की निलंबित महापौर (Suspended Mayor) सौम्या के पति राजाराम व बीवीजी कंपनी के एक प्रतिनिधि ओंकार सप्रे को किया गिरफ्तार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रचारक निंबाराम पर मुकदमा दर्ज

जयपुर ताज़ा समाचार

जयपुर में डोर-टू-डोर सफाई कंपनी बीवीजी के प्रतिनिधियों और निलंबित महापौर सौम्या गुर्जर के पति राजाराम गुर्जर के बीच सौदेबाजी के ऑडियो-वीडियो मामले में एसीबी ने राजाराम गुर्जर को गिरफ्तार किया है। गुर्जर के साथ बीवीजी कंपनी के एक प्रतिनिधि ओंकार सप्रे को भी गिरफ्तार किया गया है।

29 June Rajaram
निलंबित महापौर सौम्या के पति राजाराम गुर्जर

एसीबी ने मंगलवार, 29 जून सुबह 10 बजे राजाराम को पूछताछ के लिए एसीबी मुख्यालय बुलाया था। यहां राजाराम गुर्जर, आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम और बीवीजी कंपनी के दो प्रतिनिधियों ओंकार सप्रे और संदीप चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधित) अधिनियम-2018 के प्रावधानों और आईपीसी की धारा 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद राजाराम और ओंकार सप्रे गिरफ्तार कर लिया गया।

एसीबी के महानिदेशक बीएल सोनी ने बताया कि वायरल हुई ऑडियो-वीडियो क्लिप में तत्कालीन मेयर के पति और सेवा प्रदाता कंपनी के बीच में भारी रिश्वत के आदान-प्रदान से संबंधित वार्तालाप के दृष्य दिखाए गए थे। लोकसेवक के करीबी व्यक्ति द्वारा रिश्वत की मांग करना व सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से रिश्वत ऑफर किए जाने की बात सामने आने पर ब्यूरो द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर जांच कराई गई।

ऑडियो-वीडियो क्लिप्स को राजस्थान राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) एक अन्य राज्य की एफएसएल को क्लिप्स भेजी गयीं। दोनों रिपोर्ट से रिश्वत ऑफर करने, मेयर पति द्वारा धमकाने के अंदाज में रिश्वत मांगने, एक अन्य व्यक्ति की सहयोगात्मक उपस्थिति होना प्रथमदृष्टया पाया गया। जिसके बाद इनपर यह मुकदमे दर्ज किए गये हैं।

उल्लेखनीय है कि शहर में डोर-टू-डोर सफाई कंपनी बीवीजी के 276 करोड़ रुपए के भुगतान की एवज में 20 करोड़ रुपए का कमीशन देने की सौदेबाजी का वीडियो और ऑडियो सोशल मीडिया पर 10 जून को वायरल हो गया था। इसके बाद एसीबी ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच कराई। इस दौरान नगर निगम जयपुर ग्रेटर मुख्यालय के प्रोजेक्ट कार्यालय से कंपनी संबंधी रिकार्ड जब्त किया गया था और अब ऑडियो-वीडियो की एफएसएल जांच रिपोर्ट आने के बाद एसीबी ने मुकद्दमा दर्ज कर गिरफ्तारियां की हैं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *