Masoom Gaurav ki death mamle mai LI aur JEN nilambit

मासूम गौरव की मौत (death) मामले में एलआई (LI) और जेईएन (JEN) निलंबित

जयपुर

मानसरोवर सेक्टर 42 के पार्क में बुधवार रात हाईमास्ट पोल (high mast pole) के चपेट में आए मृतक गौरव केसवानी के मामले में नगर निगम ग्रेटर ने एलआई (LI) और जेईएन (JEN) को निलंबित कर दिया है, वहीं ठेका कंपनी को भी नोटिस जारी किया है।

इस मामले में राजनीति भी शुरू हो गई। एक ओर भाजपा पार्षद स्थानीय विधायक के साथ महापौर को मुआवजे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ज्ञापन देने ग्रेटर मुख्यालय गए, तो दूसरी ओर स्थानीय कांग्रेसी कार्यकर्ता और प्रत्याशी मृतक के परिजनों के साथ स्वर्ण पथ चौराहे पर लाश को रखकर प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग करने लगे।

इसकी सूचना विधायक के साथ गए प्रतिनिधिमंडल को लगी तो वह लोग भी स्वर्ण पथ आ गए। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्षद आशीष शर्मा से मृतक के परिजनों को मुआवजा देने और उसकी माता को नौकरी दिलाने की मांग करने लगे।

इस विवाद के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से कहा गया कि हमें मुआवजे का आश्वासन चाहिए। धरने पर तैनात पुलिस ने निगम के मानसरोवर जोन के उपायुक्त हेमाराम चौधरी को मौके पर बुलाया और चौधरी ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को आश्वासन दिया कि मृतक के परिजनों को ज्यादा से ज्यादा मुआवजा दिलाने की कोशिश होगी। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ और मासूम गौरव के शव का अंतिम संस्कार हो पाया।

इससे पूर्व विधायक अशोक लाहोटी ने मृतक बच्चे गौरव को न्याय दिलाने के लिए सांगानेर भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता व सभी पार्षदगणों के साथ जाकर नगर निगम में महापौर शील धाबाई, कमिश्नर यज्ञमित्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। विधायक ने ज्ञापन में मांग की कि मृतक के परिजनों को 5 लाख का मुआवजा दिया जाए। लाहोटी ने निगम के कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का मुकद्दमा दर्ज कराए जाने की मांग की। आयुक्त यज्ञमित्र सिंह ने लाहोटी को बताया कि जिला कलेक्टर से बात की गई है और नियमानुसार जो भी मुआवजा होगा, दिलाया जाएगा।

उधर नगर निगम ग्रेटर ने इस मामले में दोषी एलआई राजेंद्र बैरवा और जेईएन हिमांशु शर्मा को निलंबित कर दिया है। वहीं ठेका फर्म को नोटिस दिया है। ग्रेटर प्रशासन ने एईएन विकास शर्मा को मामले की जांच सौंपी थी और जांच में सामने आया कि राजेंद्र बैरवा का फोन सुबह तक स्विच ऑफ था, वहीं हिमांशु शर्मा अवकाश पर थे। फर्म को कार्य में लापरवाही और गलत रिपोर्ट पेश करने की बात जांच रिपोर्ट में कही गई है।

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