मुख्यमंत्री ने किया पहली भूमिगत मेट्रो ट्रेन का ई-लोकार्पण

जयपुर पर्यटन

फेज वन-बी में चांदपोल से बड़ी चौपड़ तक चलेगी मेट्रो

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की पहली भूमिगत मेट्रो ट्रेन का बुधवार को वीसी के माध्यम से ई-लोकार्पण किया और वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर मेट्रो रवाना की। जयपुर शहर के परकोटे में मेट्रो फेज वन-बी के तहत चाँदपोल से बड़ी चौपड़ तक 2.12 किलोमीटर तक यह मेट्रो ट्रेन चलेगी।

लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि चाँदपोल से बड़ी चौपड़ तक मेट्रो चलने से जयपुर आने वाले पर्यटकों को परकोटे के अन्दर आवागमन में आसानी होगी और यातायात पर दबाव भी कम होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 सितंबर 2013 को तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने मेट्रो फेज वन-बी शिलान्यास किया था तब यह इस फेज के ढाई साल में पूरा होने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार बदलने के बाद काम की गति धीमी हो गई और मार्च 2020 में यह पूरा हुआ।

मेट्रो चलाने में हमने घाटा या मुनाफा नहीं देखा

मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर में 2010 में मेट्रो का काम शुरू हो गया था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार मेट्रो ट्रेन चलाने में घाटा या मुनाफा नहीं देख रही है क्योंकि लोगों को सस्ती और सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध कराना सरकारों की सामाजिक जिम्मेदारी है।

मेट्रो लाइट प्रोजेक्ट की संभावनाएं तलाशी जाएं

मुख्यमंत्री ने मेट्रो फेज-वन बी को पूरा करने में दिए गए सहयोग के लिए केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय को धन्यवाद दिया। उन्होंने कम लागत वाले मेट्रो लाइट प्रोजेक्ट को प्रदेश में शुरू किए जाने की संभावनाएं देखने का भी आग्रह किया। साथ ही स्मार्ट सिटी परियोजना में जोधपुर एवं बीकानेर जैसे शहरों को जोड़ने की भी मांग की ताकि वहां भी शहरी विकास के काम हो सकें।

ट्रेन ऑपरेटर शैफाली की हौसला अफजाई की

गहलोत ने जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन एवं डीएमआरसी को जयपुर शहर के परकोटे का हैरिटेज लुक बनाए रखते इस भूमिगत रेल लाइन का काम पूरा करने के लिए बधाई दी। परियोजना में योगदान देने वाले अधिकारियों, इंजीनियरों को भी बधाई दी। उन्होंने प्रदेश की पहली भूमिगत मेट्रो ट्रेन की ऑपरेटर शैफाली से बात कर उनकी हौसला अफजाई की।

सस्ती एवं आरामदायक यात्रा सुलभ होगी

नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि जयपुर में जब मेट्रो की शुरूआत हुई तब किसी भी टू-टियर शहर में मेट्रो ट्रेन नहीं थी। पिछली सरकार के समय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की इच्छा शक्ति से ही यह संभव हो पाया। उन्होंने उम्मीद जताई कि भूमिगत मेट्रो शुरू होने से जयपुर के लोगों के साथ ही यहाँ आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित, प्रदूषण रहित, सस्ती एवं आरामदायक यात्रा सुलभ होगी। इससे परकोटे में ट्रैफिक जाम से भी काफी हद तक निजात मिलेगी।

हैरिटेज को संरक्षित रखते हुए किया भूमिगत लाइन का काम

जयपुर मेट्रो के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भास्कर सावंत ने बताया कि हैरिटेज में किसी तरह का बदलाव नहीं करते हुए यह विश्व स्तरीय परियोजना पूरी की गई है। उन्होंने बताया कि मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक 12 किमी की यात्रा अब 26 मिनट में पूरी हो जाएगी। महत्वपूर्ण कलाकृतियों को संरक्षित करने के लिए छोटी चौपड़ मेट्रो स्टेशन पर आर्ट गैलेरी भी बनाई गई है। भूमिगत लाइन में अत्याधुनिक टनल वेंटिलेशन सिस्टम लगाया गया है। बड़ी चौपड़ एवं छोटी चौपड़ स्टेशनों पर सभी खंदों से स्टेशन में प्रवेश के लिए द्वार बनाए गए हैं। दोनों स्टेशनों को राजस्थान की वास्तुकला के अनुरूप भव्य एवं आकर्षक रूप दिया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए दोनों स्टेशनों पर कुल 18 एस्केलेटर एवं 6 लिफ्ट लगाई गई हैं। परियोजना की कुल लागत 1126 करोड़ रही।

वीसी के माध्यम से लोकार्पण कार्यक्रम से जुड़े केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने कहा कि केन्द्र सरकार शहरी यातायात के विकास के साथ ही अफोर्डेबल एवं लो-कोस्ट मेट्रो परियोजनाओं पर फोकस कर रही है। इसका लाभ टू-टियर शहरों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि देशभर में 910 किलोमीटर से अधिक मेट्रो लाइन का काम चल रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एमडी डॉ. मांगू सिंह ने उम्मीद जताई कि मेट्रो फेज वन-बी शुरू होने से जयपुर शहर का परिदृश्य बदलेगा और यहाँ आने वाले पर्यटकों को अच्छी यातायात सुविधा मिलेगी। जयपुर मेट्रो के निदेशक (ऑपरेशन) मुकेश कुमार ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ यात्रा के लिए समस्त इंतजाम किए गए हैं।

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