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राजस्थानः ‘टीबी मुक्त ग्राम पंचायत‘ अभियान का तीसरा चरण शुरू, 9325 पंचायतों में संचालित होंगी विशेष गतिविधियां

राजस्थान में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने सोमवार, 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर सभी चिकित्सकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि “आयुष्मान भारत और आयुष्मान राजस्थान” के मुख्य सूत्रधार और धरती पर भगवान का रूप कहे जाने वाले हमारे चिकित्सक राजस्थान तथा देश के जन-जन के स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु हर पल तत्पर हैं। समस्त चिकित्सकों के समर्पण, प्रतिबद्धता व मानव कल्याण की भावना को हम वंदन करते हैं। मानवता की सेवा में चिकित्सकों के प्रयास अतुलनीय हैं। सोमवार को ही खींवसर की पहल पर राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर चिकित्सा विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त राजकीय चिकित्सा संस्थानों में पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली में वृद्धि की दृष्टि से ‘वृक्षारोपण अभियान’ अभियान का शुभारम्भ किया गया। इस अभियान के तहत राज्य के चिकित्सा संस्थानों में लगभग एक लाख पौधे लगाए जाएंगे। यह महत्वपूर्ण अभियान 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2024 तक संचालित किया जाएगा। इसके अलावा 1 जुलाई से ही राजस्थान में‘टीबी मुक्त ग्राम पंचायत‘ अभियान का तीसरा चरण शुरू किया गया है। नये अभियान के तहत 9325 पंचायतों में विशेष गतिविधियां संचालित होंगी ।
राजस्थान में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने बताया कि चिकित्सा संस्थानों में बेहतर वातावरण, हरियाली, छाया एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं इससे निचले स्तर के चिकित्सा संस्थानों में 5 तथा इससे उच्च स्तर के चिकित्सा संस्थानों में 10 पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अभियान के लिए फलदार एवं छायादार वृक्षों का चयन किया गया है। इनमें नींबू, आंवला, बील, जामुन, अमरूद, अनार, आम, सीताफल, इमली, चीकू, शहतूत, संतरा, नाशपती जैसे फलदार एवं नीम, मीठा नीम, पीपल, बरगद, शीशम, देशी बबूल, गुलमोहर, करंज, सहजन, खेजड़ी जैसे छायादार वृक्ष शामिल हैं।
‘टीबी मुक्त ग्राम पंचायत‘ अभियान का तीसरा चरण शुरू
राजस्थान में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशों पर राजस्थान को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने की दिशा में प्रतिबद्धता सुनिश्चित की गयी। इसी दिशा में डॉक्टर्स डे के अवसर पर सोमवार से 9 हजार 325 ग्राम पंचायतों में ‘टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान‘ का तीसरा चरण शुरू किया गया।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लिए चिन्हित ग्राम पंचायतों में सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान, सामुदायिक भागीदारी एवं जन जागरूकता बढ़ाने संबंधी विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में यह अभियान 7 हजार 700 ग्राम पंचायतों में आयोजित किया गया था। इनमें से वर्ष 2023 में 622 ग्राम पंचायतों को भारत सरकार द्वारा ‘‘टीबी मुक्त पंचायत‘‘ घोषित किया गया है।
सिंह ने बताया कि राजस्थान को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त प्रदेश बनाने के लक्ष्य को अर्जित करने के लिए चिकित्सा विभाग 01 जुलाई, 2024 से 31 मार्च 2025 तक यह अभियान संचालित करेगा। अभियान के दौरान आशा एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा वर्ष में दो बार घर-घर जाकर टीबी के संभावित रोगियों की खोज की जाएगी। टीबी से उपचारित हो चुके ‘टीबी चैम्पियन‘ द्वारा उपचाररत रोगियों एवं संभावित रोगियों को जागरूकता गतिविधियों द्वारा टीबी रोग के लक्षण, पूर्ण उपचार एवं उपचार के दौरान नियमितता आदि को लेकर जागरूक किया जाएगा।
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा विद्यालयों, ग्राम सभा आदि में ‘टीबी रोग-शपथ‘ भी दिलाई जाएगी। जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेकर क्षय रोगियों को सामुदायिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु ‘नि-क्षय मित्र‘ बनाए जायेंगे। नि-क्षय मित्र के रूप में कोई भी व्यक्ति, भामाशाह या जनप्रतिनिधि टीबी रोगियों को अतिरिक्त पौष्टिक आहार एवं अन्य सहायता उपलब्ध करवाकर इसमें सहयोग कर सकता है। वर्ष 2023 में प्राप्त लक्ष्यों को देखते हुए चिकित्सा विभाग द्वारा अगले वर्ष पूरे राज्य में यह अभियान आयोजित किया जाएगा।

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