नशीली दवाओं की तस्करी रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनेगी

जयपुर

जयपुर। प्रदेश में नशीली दवाओ के दुरुपयोग और तस्करी को रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी। मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने कहा कि नशीले पदार्थों से युक्त दवाइयों का दुरुपयोग और मादक पदार्थों की तस्करी एक ज्वलंत सामाजिक समस्या हो गई है। जिसकी रोकथाम के लिए सरकार बेहद गंभीर हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ इस समस्या के उन्मूलन के लिए एक प्रभावी रणनीति बनाएं।

मुख्य सचिव गुरूवार को शासन सचिवालय में वी.सी के माध्यम से आयोजित राज्य स्तरीय नार्को कोर्डिनेशन सेंटर की द्वितीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। स्वरूप ने कहा कि नशीली दवाओं और पदार्थों का सेवन युवा पीढ़ी के लिए धीमे जहर का काम कर रहा है। इस समस्या को जड़ से मिटाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा एन.सी.ओ आर.डी का गठन किया गया है। फारमा-ड्रग्स के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए राज्य में कदम उठाने होंगे जिसमें स्टेट ड्रग कंट्रोलर की अहम भूमिका होगी।

इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह अभय कुमार ने कहा कि प्रदेश में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एस.ओ.जी) का गठन किया गया है, जो कि ड्रग संबंधित मुद्दों पर कार्रवाई करेगा। बैठक में राज्य में अफीम पोस्ता की खेती के उपरांत पोस्ता-स्ट्रा का नाश करने की नीति पर और राज्य में साइकोट्रोपिक पदार्थों की बढ़ती अवैध खपत की समस्या का मुकाबला करने में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी पर भी चर्चा की गई।

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