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एनजीटी (NGT) की ओर से निर्मित हाईपॉवर कमेटी ने किया नाहरगढ़ (Nahargarh) का दौरा, फोर्ट में चल रही अवैध वाणिज्यिक गतिविधियों (commercial activities) का किया निरीक्षण

जयपुर

नाहरगढ़ अभ्यारण्य (Nahargarh sanctuary) में चल रही अवैध वाणिज्यिक गतिविधियों को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की ओर से गठित हाईपॉवर कमेटी ने गुरुवार को याचिकाकर्ता को साथ लिए बिना फोर्ट का दौरा किया और वहां चल रही वाणिज्यिक गतिविधियों (commercial activities) का निरीक्षण किया।

कमेटी में जिला कलेक्टर की ओर से एडीएम, वन विभाग की तरफ से डीसीएफ नाहरगढ़ और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से सचिव शामिल हुए। समिति सदस्य दोपहर में नाहरगढ़ पहुंचे और वहां चल रही वाणिज्यिक गतिविधियों के मामले में नाहरगढ़ फोर्ट पर पुरातत्व विभाग की ओर से तैनात अधीक्षक राकेश छोलक से सभी जानकारियां हासिल की गई।

कमेटी ने पुरातत्व विभाग से फोर्ट के टाइटल की मांग की गई। सूत्रों के अनुसार पुरातत्व विभाग के अधिकारी कमेटी को टाइटल पेश करने में नाकाम रहे। इस दौरान छोलक ने सरकार की ओर से जारी किया गया एक नोटिफिकेशन पेश किया और उस आधार पर फोर्ट पर काबिज होने की बात बताई। पुरातत्व विभाग की ओर से अन्य दस्तावेज और वहां दिए गए विभिन्न ठेकों से संबंधित दस्तावेज पेश किए।

इस पर कमेटी के सदस्यों ने वन विभाग के एसीएफ जीएस जैदी से फोर्ट के टाइटल की जानकारी मांगी। वन विभाग की ओर से कमेटी को पूरे दस्तावेज उपलब्ध कराए गए और बताया गया कि फोर्ट संरक्षित वन क्षेत्र में आता है और यहां किसी भी प्रकार की वाणिज्यिक गतिविधियां संचालित नहीं हो सकती है।

इसके बाद कमेटी के सदस्यों ने फोर्ट में चल रही अवैध वाणिज्यिक गतिविधियों का निरीक्षण किया। इसमें फोर्ट में चल रहे वैक्स म्युजियम, रेस्टोरेंट और बीयर बार का दौरा किया। इन गतिविधियों के संबंध में पुरातत्व विभाग से वन विभाग की सहमति मांगी गई, जो पुरातत्व विभाग के पास नहीं मिली।

इसके बाद कमेटी ने फोर्ट के बाहर बनी पार्किंग का निरीक्षण किया और छोलक से पूछा कि पार्किंग बनाने के लिए कितने पेड़ों को काटा गया। इसपर छोलक ने बताया कि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पार्किंग का निर्माण किया गया है। फोर्ट पर बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं और उनकी सुविधा के लिए पार्किंग बनाई गई है। यदि पार्किंग नहीं बनाई जाती तो यहां पार्किंग और रोड जाम की समस्या खड़ी हो जाती। इस दौरान कमेटी ने नाहरगढ़ के आस-पास वर्षभर में होने वाली आग लगने की घटनाओं की भी जानकारी ली। छोलक ने कमेटी को पुरातत्व विभाग की ओर से जवाब भी पेश किया। कमेटी ने वन विभाग के अधिकारियों से भी उनका जवाब लिया।

कमेटी अब अपनी रिपोर्ट तैयार कर एनजीटी में पेश करेगी। कमेटी की रिपोर्ट के साथ ही वन विभाग और पुरातत्व विभाग की ओर से दिए गए जवाब भी एनजीटी को पेश किए जाएंगे। उधर इस मामले में याचिकाकर्ता राजेंद्र तिवाड़ी ने कहा कि हमारी ओर से कमेटी को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई थी कि फोर्ट की जांच में उन्हें साथ रखा जाए, उनसे व्यक्तिगत सुनवाई भी की जाए, लेकिन कमेटी ने उनकी मांग को नहीं माना और अपने स्तर पर जांच की है। उन्हें पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया।

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