Procurement of 10.5 lakh tonnes of wheat is done at minimum support price in Rajasthan, relief to one lakh farmers

राजस्थान में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 10.5 लाख टन गेहूं की हुई खरीद, एक लाख किसानों को राहत

जयपुर

राजस्थान में कोरोना महामारी से उपजी विषम परिस्थितियां एवं सीमित संसाधनों के बावजूद खाद्य विभाग के अथक प्रयासों से रबी विपणन वर्ष 2021-22 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद क्रय केंद्रों पर सुचारू रूप से की जा रही है। अभी तक खाद्य विभाग द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर साढ़े दस लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर लगभग एक लाख किसानों को लाभान्वित कर राहत पहुंचाई गई है।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव नवीन जैन ने बताया कि प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद के लिए 387 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भारतीय खाद्य निगम ने लगभग 7.30 लाख, तिलम संघ ने 1.35 लाख, राजफेड ने 1.8 लाख एवं नाफेड ने 65 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद अभी तक की है। मंडियों में 11.50 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है जिसमें से विभाग द्वारा न्यूननतम समर्थन मूल्य पर 10.50 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर ली गई है। कुल खरीद का बड़ा भाग कोटा एवं बीकानेर संभाग में किया गया है।

शासन सचिव ने बताया कि अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कोविड 19 वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए गेहूं क्रय केंद्रों पर सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन की शत-प्रतिशत पालना की जाए। क्रय केंद्रों पर मास्क पहनने, सामाजिक दूरी, बार-बार सैनिटाइज करना एवं थर्मल स्क्रीनिंग आदि पर विशेष ध्यान दिया जाना सुनिश्चित करें। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2021-22 के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य 1 हजार 975 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 22 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है।


	

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