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पुरा सामग्रियों को फिर से खतरे में डालने की तैयारी

जयपुर पर्यटन

पुरातत्व विभाग बेसमेंट में फिर से तैयार कराएगा गैलरी

जयपुर। राजधानी में अतिवृष्टि के कारण अल्बर्ट हॉल म्यूजियम में पुरा सामग्रियों के नुकसान के बाद भी पुरातत्व विभाग गंभीर नहीं हुआ है। विभाग एक बार फिर पुरा सामग्रियों को खतरे में डालने की तैयारी कर रहा है। विभाग की ओर से हॉल के बेसमेंट में बनी ममी गैलरी को फिर से तैयार करने की कवायद की जा रही है।

विभाग के निदेशक पीसी शर्मा का कहना है कि एक बार तो ममी गैलरी को फिर से रिस्टोर किया जाएगा। हम एकदम से इस गैलरी को बंद नहीं कर सकते हैं। इस दौरान ममी को ऊपरी मंजिल में रखने के लिए जगह निकाली जाएगी। गैलरी के रिस्टोर होने के बाद देखा जाएगा कि यहां कौनसी पुरा सामग्रियां रखी जा सकती है।

पुरातत्व विभाग के मुख्यालय और म्यूजियम स्टोर में रखी पुरा सामग्रियों के भारी नुकसान के बाद पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री बी डी कल्ला ने मुख्यालय और म्यूजियम का दौरा किया था। मंत्री द्वारा स्टोर में रखी पुरा सामग्रियों को नया म्यूजियम बनाकर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए थे। अब सवाल यह उठता है कि जब मंत्री ने पुरा सामग्रियों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें बेसमेंट से निकालने और पर्यटकों के लिए प्रदर्शित करने के लिए कह दिया तो फिर अधिकारी गैलरी को दोबारा से क्यों तैयार करवा रहे हैं?

निर्णय ही गलत था

अल्बर्ट हॉल में हुए नुकसान से विभाग के पूर्व अधिकारी काफी व्यथित है। उनका कहना है कि ममी को बेसमेंट में ले जाने का निर्णय ही गलत था। पूर्व में कई दशकों तक ममी हॉल के ऊपरी फ्लोर में सुरक्षित रही थी, तो फिर उसे बेसमेंट में क्यों शिफ्ट किया गया? जबकि अधिकारियों को पता था कि बेसमेंट में पानी भरने की समस्या काफी पुरानी है और इसका आज तक कोई स्थाई हल नहीं निकल सका है। पूर्व में भी पानी भरने के कारण कई बार यहां रखी गई पुरा सामग्रियों को भारी नुकसान हो चुका है।

जिम्मेदारी होनी चाहिए तय

अल्बर्ट हॉल में पुरा सामग्रियों का जो नुकसान हुआ है, वह कम नहीं है, बल्कि अमूल्य धरोहरों का नुकसान हुआ है। इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। पुरा सामग्रियों को हुए नुकसान की पूरी जांच होनी चाहिए। साथ ही ममी को बेसमेंट में ले जाने के निर्णय पर भी जांच जरूरी है। यदि इस मामले को दबा दिया जाता है तो भविष्य में विभाग के अधिकारी-कर्मचारी पुरा सामग्रियों की सुरक्षा के प्रति लापरवाह हो जाएंगे। विभाग में कहा जा रहा है कि इस घटना के बाद विभाग जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों को बचाने के प्रयासों में लगा हुआ है।

सी ग्रेड की थी खराब हुई सामग्रियां

पुरा सामग्रियों को हुए भारी नुकसान पर अब विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कह रहे हैं कि जो सामग्रियां पानी से खराब हुई है, वह सी ग्रेड की हैं। पुरा सामग्रियों को उनके मूल्य के अनुसार ए, बी, सी ग्रेड में रखा जाता है। अलमारियों में नीचे की ओर सी ग्रेड की सामग्रियां रखी जाती है, जो खराब हुई है। अब इसमें कितना सच है, यह ईमानदार जांच के बाद ही पता चल पाएगा।

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