raajasthaan mein krshi utpaad prasanskaran (agriculture products processing) mein 617 projekts par 1255 karod ka nivesh (investment) , 119 karod ka anudaan (subsidy) manjoor

राजस्थान में कृषि उत्पाद प्रसंस्करण (Agriculture products processing) में 617 प्रोजेक्ट्स पर 1255 करोड़ का निवेश (Investment) , 119 करोड़ का अनुदान (Subsidy) मंजूर

जयपुर ताज़ा समाचार

राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी कृषि उत्पाद प्रसंस्करण (Agriculture products processing), कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति-2019 के तहत प्रदेश में कोविड की विपरीत परिस्थितियों के बीच 617 प्रोजेक्ट स्थापित हो रहे हैं, जिन पर 1255 करोड़ रुपये का निवेश (Investment) होगा। इसके लिए राज्य सरकार ने अब तक 338 प्रोजेक्ट पर 119 करोड़ रुपये का अनुदान (Subsidy) मंजूर की है।

कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव भास्कर ए सावंत ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्तमान राज्य सरकार की पहली वर्षगांठ के मौके पर दिसम्बर, 2019 में यह नीति लांच की थी। पूंजीगत, ब्याज, विद्युत प्रभार एवं भाड़ा अनुदान प्रोत्साहन तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कृषि भूमि के रूपान्तरण जैसी सहूलियतों की वजह से किसान एवं उद्यमी इसमें खासी रुचि दिखा रहे हैं।

वेयर हाउस एवं केटल फीड उद्यमों के साथ तिलहन, दलहन, मसाले, मूंगफली, कपास, दूध एवं अनाज प्रोसेसिंग की इकाइयां स्थापित की गई हैं। राज्य में 88 किसानों को 39 करोड़ 60 लाख रुपये की सब्सिडी स्वीकृत की गई है, जिन्होंने 89 करोड़ रुपए का निवेश किया है। गैर-कृषक उद्यमियों ने 496 करोड़ रुपये निवेश कर 250 इकाइयां स्थापित की हैं, जिन पर राज्य सरकार की ओर से 79 करोड़ 69 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है। शेष अन्य प्रोजेक्ट्स के लिए बैंकों से लोन स्वीकृत होकर कार्य चालू हो गया है।

सावंत ने बताया कि राज्य में वेयर हाउस स्थापना में सबसे ज्यादा रुचि दिखाई जा रही है। 226 वेयरहाउस स्थापित हो रहे हैं। एग्रो प्रोसेसिंग क्षेत्र में सबसे अधिक अनाज प्रोसेसिंग की 82 एवं तिलहन प्रोसेसिंग की 76 इकाइयां लगाई गई हैं। इसके अलावा दलहन की 46, मसाले की 43, मूंगफली की 36, कपास की 33, केटल फीड की 16, दूध प्रोसेसिंग की 15, शर्टिंग-ग्रेडिंग की 13 और 31 अन्य इकाइयां स्थापित की जा रही हैं।

उल्लेखनीय है कि इस नीति के तहत एग्रो प्रोसेसिंग इंडस्ट्री लगाने और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए किसान एवं उनके संगठनों को परियोजना लागत का 50 फीसदी (अधिकतम एक करोड़ रुपये) तथा अन्य पात्र उद्यमियों को 25 प्रतिशत (अधिकतम 50 लाख रुपए) अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही संचालन लागत कम करने के लिए सावधि ऋण लेने पर किसानों एवं उनके समूहों को 6 फीसदी की दर से 5 साल तक ब्याज अनुदान दिया जा रहा है।

किसानों के लिए ब्याज अनुदान की अधिकतम सीमा एक करोड़ रुपये तय की गई है। सामान्य उद्यमियों को 5 फ ीसदी की दर से 5 साल तक ब्याज अनुदान दिया जा रहा है, जबकि आदिवासी क्षेत्रों एवं पिछड़े जिलों में इकाइयां लगाने वालों तथा अनुसूचित जाति-जनजाति, महिला एवं 35 साल से कम उम्र के उद्यमियों को एक प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान मिल रहा है। यह प्रसंस्करण उद्योगों के लिए अधिकतम 50 लाख रुपए एवं आधारभूत संरचना इकाइयों के लिए एक करोड़ रुपये तक दिया जा रहा है।


	

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