Rahul Gandhi attacks Modi government on the pretext of farmer movement

किसान आंदोलन के बहाने राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला

जयपुर

जयपुर। किसान आंदोलन को समर्थन देने राजस्थान आए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को मकराना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीन कृषि कानून और कोरोना को लेकर हमले किए। शनिवार को राहुल के दौरे की शुरुआत अजमेर से हुई। सबसे पहले उन्होंने किशनगढ़ स्थित तेजाजी मंदिर में दर्शन किए। बाद में उन्होंने रूपनगढ़ में ट्रैक्टर चलाया और ट्रैक्टर रैली को संबोधित किया। इसके बाद राहुल मकराना पहुंचे। मकराना की सभा के बाद राहुल का दो दिवसीय दौरा समाप्त हो गया।

नागौर के मकराना में किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि कृषि ऐसा बिजनेस है जिसे कोई कंट्रोल नहीं करता है। हिंदुस्तान में इसे देश की 40 प्रतिशत आबादी कंट्रोल करती है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी अब नए कानून इसलिए लाए हैं कि वे इस बिजनेस को 40 प्रतिशत आबादी से छीनकर दो-तीन उद्योगपतियों के हाथों में सौंप देना चाहते हैं।

गांधी ने कहा कि मंडी छोटे व्यापारी का मीटिंग प्वाइंट है। मोदी सरकार उसे खत्म करना चाहती है। किसान को उद्योगपतियों के सामने खड़ा करना चाहती है। इसके बिना हिन्दुस्तान रोजगार पैदा नहीं कर पाएगा। जो आपका है वो मोदी 2 लोगों को दे रहे हैं। जो युवा यहां खड़े हैं उनका रोजगार छीना जा रहा है। हिन्दुस्तान की रीढ़ को तोड़ा जा रहा है। कोरोना के समय मोदी से लोगों ने रेल व बस का टिकट मांगा। मोदी ने कहा- नहीं, मैं एक रुपया नहीं दूंगा। मगर उसी समय मोदी ने अपने उद्योगपति मित्रों का 1 लाख 50 हजार करोड़ कर्जा माफ कर दिया।

गांधी ने कहा कि मैं 2004 से लोकसभा में हूं। मैंने देखा है कि जब भी कोई शहीद होता है तो पूरी संसद दो मिनट मौन रखती है। किसान आंदोलन में हमारे 200 किसान शहीद हुए मगर संसद में दो मिनट के मौन के लिए सांसद खड़े नहीं हुए। मैंने कहा, ठीक है ऐसा नहीं हुआ तो मैं अपने भाषण के बाद अकेले शांत खड़ा हो जाऊंगा, और जो भी मेरे साथ खड़ा होना चाहता है खड़ा हो जाए। मैंने कहा चाहे वह किसी भी पार्टी का हो लेकिन कोई मंत्री या भाजपा का एमपी खड़ा हुआ।

दुनिया के सामने इन लोगों ने किसान का अपमान किया। फिर स्पीकर ने कहा कि आप लिखकर दीजिए। मैं स्पीकर को लिखकर दूंगा। मुझे पूरा भरोसा है कि स्पीकर लोकसभा को दो मिनट मौन के लिए खड़ा होने देंगे। क्या मैंने गलती की? यदि गलती की तो मैं फिर से करूंगा। कर लो जो करना है। और करता जाऊंगा ऐसी गलती। मैं अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रहा हूं। मेरा काम आपको सच्चाई बताने का है।

मैंने कोरोना के समय 10 बार मीडिया से कहा- कोरोना से भारत माता को जबरदस्त नुकसान होने वाला है। प्रेस वालों ने मेरा मजाक उड़ाया। प्रेस वाले कहते हैं कि ये किसान नहीं है। ये देशद्रोही हैं। नरेंद्र मोदी संसद में उनको आंदोलनजीवी कहते हैं। उनका अपमान करते हैं, उनका मजाक उड़ाते हैं। मैंने संसद में अपने भाषण में सिर्फ किसान की बात की। मैंने मना किया, बजट पर नहीं बोलूंगा और कहा कि मैं सिर्फ किसान पर बोलूंगा। चाहे मुझे बाहर फेंक दो।

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