Rajasthan ki mandiyon mai kamkaj thapp, 42000 crore ka business prabhavit

राजस्थान (Rajasthan) की मंडियों में कामकाज ठप, 42,000 करोड़ का कारोबार (business) प्रभावित

जयपुर

दालों पर स्टॉक लिमिट लगाने के विरोध में भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के आह्वान पर शुक्रवार को राजस्थान की सभी मंडियां और दाल मिल ने अपना व्यापार बंद रख विरोध दर्ज कराया

भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के चेयरमेन बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि इस एक दिन की हड़लाल से करीब 42,000 करोड़ रुपए का कारोबार (business) प्रभावित हुआ है। वहीं 12,000 दाल मिलें बंद रहने से 1200 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ। इस बंद से देशभर के व्यापारियों को 840 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वहीं केन्द्र और राज्य सरकारों के राजस्व में 1600 करोड़ रुपए की चपत लगी।

गुप्ता ने बताया कि सरकार की ओर से दाल (मूँग को छोड़कर) के थोक व्यापारी, रिटेल व्यापारी, आयातक, मिलर के लिए स्टॉक सीमा प्रभावी की गई है। थोक विक्रेता के लिए स्टॉक सीमा 200 मीट्रिक टन (जिसमें एक किस्म की मात्रा 100 मीट्रिक टन) लागू करते हुए प्रभावी की गई है। खुदरा विकेता के लिए सीमा 5 मीट्रिक टन रखी गई है।

मिलर के लिए स्टॉक सीमा विगत 3 माह के उत्पादन अथवा वार्षिक संस्थापित क्षमता का 25 प्रतिशत इनमें से जो अधिक होगी। आयातक के लिए स्टॉक सीमा 200 मीट्रिक टन ही रखी है। 30 दिन में व्यापारी को अपना स्टॉक सीमा में लाना होगा। यह आदेश 31 अक्टूबर तक के लिए प्रभावी रहेगा। भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल की बैठक में 17 प्रांतों के सदस्यों ने एकमत होकर बंद का निर्णय लिया था।

गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को देश की सभी 7000 मंडियां तथा 12,000 दाल मीलों ने अपना व्यापार बंद रखा और देशभर की सभी मण्डियों में धरने-प्रदर्शन आयोजित किए गए। दालों पर स्टॉक लिमिट लगाने के विरोध में शुक्रवार को राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के अन्तर्गत 247 मंडियां और 600 दाल मीलें बंद रही। व्यापार बंद की घोषणा भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के आह्वान पर गई है।

राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के अतिरिक्त महामंत्री राजेन्द्र कुमार तांबी ने बताया कि राजस्थान (Rajasthan) की सभी मंडियां कोटा, अजमेर, रामगंजमंडी, भवानीमंडी, बारां, अटरू, छबड़ा, केकड़ी, मदनगंज-किशनगढ़, अलवर, खैरथल, खेरली, नदबई, भरतपुर, बयाना, डीग, कामां, बीकानेर, नोखा, नागौर, मेड़ता, जोधपुर, सुमेरपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, श्रीगंगानगर, पदमपुर, करणपुर, अनूपगढ़, घड़साना, गोलूवाला, खाजूवाला, हनुमानगढ़, पीलीबंगा, संगरिया, सादुलशहर, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, उदयपुर आदि सभी मंडियों के संगठनों ने व्यापार बंद रखा व्यापार बंद के कारण करीब 1700 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ। 34 करोड़ रुपए का व्यापारी का मुनाफा और राज्य सरकार को 68 करोड़ रुपए के राजस्व की हानि हुई।

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