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3 माह में राजस्थान को अवैध जल कनेक्शनों से मुक्त बनाने का लक्ष्य, चलेगा विशेष अभियान

जयपुर

प्रदेश में जलदाय विभाग के पेयजल आपूर्ति नेटवर्क से जुड़ी राइजिंग और डिस्ट्रिब्यूशन मेन (आपूर्ति और वितरण पाइपलाइन) से अवैध कनेक्शन लेने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रदेश में आगामी तीन माह तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। जलदाय मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला द्वारा गत दिनों विधानसभा में इस बारे में घोषणा की गई थी। इस सम्बंध में जलदाय विभाग की ओर आदेश जारी कर सभी जिलों में फील्ड में कार्यरत अभियंताओं को अवैध कनेक्शनों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।

कल्ला ने बताया कि अवैध जल कनेक्शनों के कारण विभाग के पूरे सप्लाई सिस्टम पर विपरीत प्रभाव तो पड़ता ही है, इसके साथ ही वैध कनेक्शन वाले नियमित उपभोक्ताओं को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। टेल एंड पर तो नियमित उपभोक्ताओं को कम प्रेशर और अपर्याप्त मात्रा में आपूर्ति की समस्या से जूझना पड़ता है। ऐसे में आगामी तीन माह तक पूरे प्रदेश में विशेष अभियान आरम्भ करने का निर्णय लिया गया है।

कल्ला ने बताया कि इस विशेष अभियान के लिए राज्य के सभी जिलों में कार्यरत अधीक्षण अभियंताओं को अभियान का नोडल अधिकारी बनाते हुए आगामी तीन माह की अवधि में पूरे प्रदेश को पेयजल के अवैध कनेक्शनों से मुक्त करने के लक्ष्य के साथ धरातल पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी रीजन में कार्यरत अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं द्वारा अपने क्षेत्रों में इस अभियान की पूरी मॉनिटरिंग की जाएगी।

अभियान के तहत पूरे प्रदेश में विभाग के पेयजल आपूर्ति नेटवर्क से जुड़ी राइजिंग एवं डिस्ट्रिब्यूशन मेन (आपूर्ति और वितरण पाइपलाइन) पर अवैध कनेक्शनों की पहचान के लिए सर्वे किया जाएगा। राइजिंग मेन पर अवैध कनेक्शन वाले व्यक्तियों को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंतराल में अवैध कनेक्शन को हटाने तथा इससे राइजिंग मेन को हुई क्षति को दुरुस्त करने का समय दिया जाएगा। यदि अवैध कनेक्शन से सम्बंधित कोई व्यक्ति इस नोटिस के सम्बंध में वांछित कार्रवाई नहीं करेगा तो विभाग द्वारा अवैध कनेक्शन को हटाने की कार्रवाई की जाएगी तथा सम्बंधित के खिलाफ पुलिस में राजकीय सम्पति को नुकसान पहुंचाने के बारे में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

विभाग डिफॉल्टर को जल आपूर्ति नियमों के तहत अपने कनेक्शन को नियमित कराने को कहेगा, पालना नहीं करने पर विभाग द्वारा कनेक्शन को हटाते हुए सम्बंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। विभागीय अधिकारियों को सर्वे में सामने आने वाले सभी अवैध कनेक्शनों, काटे गए अवैध कनेक्शन तथा इस सम्बंध में पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के प्रकरणों का पूरा रिकॉर्ड संधारित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी अधिकारियों को अवैध कनेक्शनों के खिलाफ संचालित अभियान के तहत प्रति सप्ताह प्रगति रिपोर्ट राज्य स्तर पर भिजवाने के लिए पाबंद किया गया हैं।

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