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एक संकट टला, तो दूसरा खड़ा हुआ

राजनीति जयपुर

सचिन पायलट को पद से हटाया, भाजपा ने की फ्लोर टेस्ट की मांग

जयपुर। राजस्थान में पिछले तीन दिनों से चल रहे एक सियासी संकट का हल तो निकल गया है, लेकिन सरकार के सामने दूसरा संकट खड़ा हो गया है। अभी तक इस मामले में दूरी बनाए रखने वाली भाजपा ने कहा है कि विधायक दल टूटने के साथ ही सरकार अपना बहुमत खो चकी है, इस लिए सरकार को फ्लोर टेस्ट कराना चाहिए।

प्रदेश में बड़े सियासी ड्रामे का अंत आखिरकार बागी हो चुके प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को पद से हटाने के साथ हो गया है। पायलट के साथ-साथ पर्यटन मंत्री विश्वेंद सिंह और खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा को भी पद से हटाया गया है। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष मुकेश भाकर और सेवा दल के अध्यक्ष राकेश पारीक को भी उनके पद से हटाया गया है।

शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं गणेश घोघरा को यूथ कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया गया है। मंगलवार सुबह दिल्ली रोड स्थित होटल में गहलोत खेमे के विधायकों की बैठक हुई। बैठक में बुलाए जाने के बावजूद सचिन पायलट और उनके साथी विधायक बैठक में नहीं पहुंचे। इसके बाद कांग्रेस ने पायलट गुट के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया।

बैठक समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्यपाल से मिलने के लिए होटल से बाहर निकले। इस दौरान उन्होंने मीडिया से पायलट खेमे के लिए कहा कि इनके पहले से ही भाजपा से सौदे हो रखे थे। पहले यह कह रहे थे कि नई पार्टी बनाएंगे, फिर सुनने में आया कि भाजपा में जाएंगे। पार्टी तोड़ने के भी नियम बने हुए हैं।

दो तिहाई बहुमत के साथ पार्टी तोड़ी जा सकती है। राजस्थान में 122 विधायक कांग्रेस के साथ थे। ऐसे में इनके पास दो तिहाई बहुमत नहीं था। फिर इन्होंने ऐसा क्यों किया। इन्होंने अपने पैरों पर ही कुल्हाड़ी मारी है। यह लोग फ्लोर टेस्ट की मांग उठा रहे थे, यदि यह सच्चे कांग्रेसी होते तो कभी फ्लोर टेस्ट की मांग नहीं उठाते।

इधर गहलोत राज्यपाल से मुलाकात के लिए निकले, उधर भाजपा ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर फ्लोर टेस्ट की मांग उठा दी। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि कांग्रेस का विधायक दल दो हिस्सों में बंट चुका है। आज की तारीख में यह सरकार अल्पमत सरकार है। अल्पमत सरकार होने के कारण यह मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं कर सकती है। राजस्थान की सरकार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पास करे, तभी यह जनता के प्रति न्याय होगा।