जयपुरताज़ा समाचार

2023 का चुनाव जीतने के लिए मंत्रियों को भी पायलट की जरूरत

राजस्थान में 2023 का चुनाव सिर पर आ गया है और सयाने नेता जीत के लिए जुगत भिडाने में जुट गए हैं। कांग्रेस में पूछा जा रहा है कि 2023 का चुनाव जीतने के लिए क्या सचिन पायलट की जरूरत पड़ेगी? बात छोटे-मोटे नेता की हो तो चल जाती, लेकिन जब एक कद्दावर नेता और मंत्री इस तरह की जुगत करें, तो चर्चाएं होना लाजमी है। ऐसी ही चर्चाएं चल रही है जलदाय मंत्री महेश जोशी को लेकर।

होली के बाद फेसबुक पर सामने आया जोशी का एक पोस्टर इन दिनों सबका ध्यान आकर्षित कर रहा है। वैसे इस पोस्टर में कोई बड़ी गलती नजर नहीं आती है लेकिन जो चीज सबका ध्यान आकर्षित कर रही है, वह है पोस्टर में प्रदेशाध्यक्ष से पहले विधायक सचिन पायलट की फोटो। इस पोस्टर ने कांग्रेस में गदर मचा दिया है और सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या अब मंत्रियों को भी जीतने के लिए उनके काम के बजाय सचिन पायलट की जरूरत पड़ेगी? पोस्टर के सामने आने के बाद कुछ तिरछी नजर वाले कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने हाथों-हाथ अपनी प्रतिक्रियाएं भी लिख डालीं और अब स्क्रीन शॉट लेकर इसे कांग्रेसी ग्रुपों में वायरल किया जा रहा है।

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पिछला विधानसभा चुनाव जीतने के बाद सचिन पायलट के साथ क्या हुआ, सभी को मालूम है। तब से लेकर आज तक गहलोत और पायलट खेमे में जबरदस्त टकराव सामने आया है। इतना कुछ होने के बाद यदि गहलोत गुट के प्रमुख सिपहसालार अपने पोस्टर पर पायलट का फोटो लगाते हैं, तो फिर चर्चाएं तो होंगी ही। राजनीति में दोस्ती और दुश्मनी परमानेंट नहीं होती है। वैसे जोशी को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का यस मैन कहा जाता है लेकिन इस बार लगता है कि उन्होंने मौसम विज्ञानी की तरह प्रदेश में भविष्य के राजनीतिक हालात का पूर्वानुमान लगा लिया हो और पायलट की फोटो लगाकर दोनों हाथों में लड्डू रखने का मन बना लिया हो। इस पोस्टर को गहलोत कुनबे में कलह के तौर पर भी देखा जा रहा है।

अंदरखाने चर्चा यह भी चल रही है कि इस पोस्टर वॉर के पीछे ब्राह्मण समाज की राजनीति भी काम कर रही है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि मंत्री पद मिलने और रघु शर्मा को गुजरात का जिम्मा मिलने के बाद जोशी खुद को ब्राह्मण समाज का एकछत्र नेता साबित करने में जुट गए थे लेकिन ब्राह्मण समाज के कद्दावर नेता पंडित नवल किशोर शर्मा के पुत्र बृजकिशोर शर्मा को हाल ही में राजनीतिक नियुक्ति दी गई है और उन्हें खादी बोर्ड का अध्यक्ष बना कर केबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। बृजकिशोर शर्मा हवामहल विधानसभा क्षेत्र से ही पूर्व विधायक और मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में ब्राह्मणों का एकछत्र नेता बनने का जोशी का सपना अधूरा रह गया है और इसी के चलते शायद उन्होंने पायलट की फोटो लगाकर दिखाने की कोशिश की है कि राजनीति में कोई दुश्मन नहीं होता है।

कार्यकर्ताओं ने दी यह प्रतिक्रियाएं
एक कार्यकर्ता ने लिखा ‘जीयो-जीयो, चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं। पायलट की फोटो लगाने की होड़ सी मचने लगी है। शायद अहसास हो गया है कि पायलट सपोर्ट बिना कुछ भी नहीं कर सकते। देखते जाओ क्या-क्या करना पड़ेगा। एक अन्य ने लिखा ‘पायलट का पोस्टर में आना बहुत कुछ दर्शा रहा है….खैर आएगा तो पायलट ही…. एक अन्य कार्यकर्ता ने लिखा कि ‘राजस्थान के अंदर कांग्रेस पार्टी में सचिन पायलट के अलावा कोई जनाधार वाला नेता नहीं है। माननीय मंत्री महोदय इस चीज का अहसास आपको भी हो गया। कुछ अन्य प्रतिक्रियाएं ‘एक आम विधायक का फोटो प्रदेश अध्यक्ष से पहले लगाना, मतलब चुनाव नजदीक है। ‘आपको भी पायलट साहब की जल्दी ही याद आ गई मंत्री जी। ‘पायलट का पोस्टर में आना बहुत कुछ दर्शा रहा है….खैर आएगा तो पायलट ही।

Related posts

सरिस्का टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में बने नए ट्यूरिस्ट रूट बारा-लिवारी का शुभारम्भ

admin

स्वदेशी अपनाने के लिए की समझाइश

admin

दिया के बजट पर आयी पायलट की प्रतिक्रिया” कहा, जनाकांक्षाओं के विपरीत भ्रामक बजट

Clearnews