Relatives ke same number aane par bole Dotasara, RPSC transparency se exam karwati hai, fail participants khij mitane ke liye bana rahe vivad

रिश्तेदारों (Relatives) के समान नंबर आने पर बोले डोटासरा, आरपीएससी (RPSC) पारदर्शिता (transparency) से परीक्षा करवाती है, फेल अभ्यर्थी खीझ मिटाने के लिए बना रहे विवाद

जयपुर

राजस्थान प्रशासनिक सेवा भर्ती परीक्षा (RPSC) में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के रिश्तेदारों के समान नंबर आने का मामला बुधवार को चर्चा में रहा। डोटासरा की बहू के भाई और बहन दोनों को ही आरएएस परीक्षा के लिए हुए इंटरव्यू में 80 फीसदी अंक आए। वहीं डोटासरा की बहू प्रतिभा को भी आरएएस परीक्षा में 80 फीसदी अंक मिले थे। इसलिए यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

चर्चाओं के बीच डोटासरा ने इस मामले पर बयान दिया कि आरपीएससी राजस्थान की बहुत ही प्रतिष्ठित परीक्षा है। आरपीएससी पारदर्शिता (transparency) के साथ परीक्षा करवाता है। इसमें टैलेंटेड बच्चे सफल होते हैं, किसी भी राजनेता या सरकार का हस्तक्षेप नहीं होता है। सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट करने वाले वे अभ्यर्थी व उनके परिजन है जो परीक्षा में फेल हो गए है। ऐसे लोग अपनी खीझ मिटाने के लिए इस मामले को बिना वजह तूल दे रहे है।

मीडिया से बात करते हुए प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष व शिक्षा मंत्री ने कहा कि आरपीएससी में पहले प्री और फिर बाद में मेन परीक्षा होती है, उसके बाद इंटरव्यू होता है, जिसमें बोर्ड मेंबर और एक्सपर्ट बैठते हैं। इसमें किसी भी राजनेता का कोई लेना-देना नहीं होता है। इसलिए यह बहस का विषय ही नहीं होना चाहिए कि किसको कितने नंबर आए।

इंटरव्यू से पहले तो प्री और मेन परीक्षा पास करनी पड़ती है। किसी के रिश्तेदार या जानकार होने से इंटरव्यू में नंबर नहीं मिलते हैं। इंटरव्यू में कई होनहारों को 80 प्रतिशत अंक आए हैं। यह केवल सोशल मीडिया पर चलाया गया प्रोपेगेंडा है। आरएएस परीक्षा में बहू के भाई और बहन के रिजल्ट को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि मेरा बेटा अविनाश 2016 में पास हुआ था। जब वह पास हुआ था तब तो उसका रिश्ता ही नहीं हुआ था।

जब मेरी पुत्रवधू ने आरएएस परीक्षा पास की तो भाजपा का राज था। उन्होंने व्यंग्य के लहजे में कहा कि हनुमानगढ़ में पांच बहनें आरएएस अफसर बनी हैं, तो क्या वह मेरी रिश्तेदार हैं? दरअसल, जो लोग परीक्षा में असफल होते हैं वह अपनी खीझ मिटाने के लिए ऐसा करते हैं। डोटासरा ने कहा कि अगर मैं किसी को आरएएस बना सकता तो क्या मैं अपने परिवार के सभी लोगों और विधानसभा क्षेत्र के लोगों को आरएएस नहीं बना देता?

उन्होंने कहा कि मेरे जिन रिश्तेदारों की बात की जा रही है वे दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़े हुए हैं और काफी टैलेंटेड हैं। वे कई साल से आरएएस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

चमत्कार में कुछ तो निकलता है
डोटासरा की पुत्रवधु और उसके भाई-बहन के आरएएस में 80-80 अंक आने के मामले को लेकर मचे हल्ले के बीच नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने भी इस मामले को लेकर डोटासरा से स्पष्टीकरण मांगने के साथ ही सरकार को संज्ञान लेने की मांग की है। कटारिया ने कहा कि एक ही परिवार के तीन सदस्यों के एक ही नंबर आना तो चमत्कार ही है। आज दिन तक ऐसा देखा नहीं कि परिवार के सभी लोगों के इंटरव्यू में एक जैसे ही नंबर आएं हों।

एकदम से तो किसी पर आरोप नहीं लगा सकते, लेकिन मैं सोचता हूं कि इस चमत्कार में कुछ ना कुछ चीज निकल सकती है। वहीं पूनिया ने कहा कि टैलेंटेड है तो विवाद पर डोटासरा को अपना पक्ष रखना चाहिए।

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