बीकानेर में ऊन फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक की सफाई करने उतरे चार मजदूरों की मौत

जयपुर

जयपुर। बीकानेर में सेप्टिक टैंक में दम घुटने से 4 मजदूरों की मौत की घटना सामने आई है। चारों मजदूर सफाई के लिए टैंक में उतरे थे, लेकिन टैंक के अंदर जहरीली गैस के कारण उनकी मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा बीकानेर के बीछवाल थाना इलाके के करणी इंडस्ट्रियल एरिया में रविवार दोपहर में हुआ। राज्यपाल कलराज मिश्र ने बीकानेर के करनी इंडस्ट्रियल एरिया में ऊन फैक्ट्री में गैस रिसाव से चार श्रमिकों की मृत्यु पर शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करने और शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

जानकारी के अनुसार करणी इंडस्ट्रियल एरिया में भगवानमल सुराणा की ऊन फैक्ट्री में बने सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए मजदूर लालचंद, कालूराम, चोरुलाल, कृष्णा राम को काम पर लगाया गया था। कृष्णा राम बिहार का निवासी था। शेष तीनों बीकानेर के ही थे।

ऊन बनाने के लिए उपयोग में आने वाले धागे धोने के लिए कई तरह के केमिकल यूज करते हैं। इसका पानी इस टैंक में जाता है। कैमिकल के प्रभाव से टैंक में कार्बन डाई ऑक्साइड गैस बन गई थी। इससे टैंक में उतरा एक मजदूर बेहोश हो गया। काफी देर तक टैंक के अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो एक-एक कर उसके 2 और साथी टैंक में उतरे, लेकिन दम घुटने से उनकी भी मौत हो गई। इसके बाद कृष्णाराम तीनों को बचाने के लिए उतरा और उसकी भी मौत हो गई। कृष्णाराम इसी फैक्ट्री का कर्मचारी था। बाकी तीनों बाहर से बुलाए थे।

आसपास के लोगों को जब इस दर्दनाक घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने चारों मजदूरों को टैंक से बाहर निकालकर पीबीएम हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। घटना के बाद पुलिस- प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली।

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