Power game didn't last long in Jaipur Municipal Corporation, 1st order was revoked immediately

जयपुर नगर निगम ग्रेटर में जूनियर अधिकारी बने सीनियरों के ‘बॉस’

जयपुर

कर निर्धारक करेगी आरएएस-आरएमएस अधिकारियों का हिसाब-किताब, पशु धन सहायक देखेगा पशु चिकित्सा अधिकारी का काम

जयपुर । नगर निगम ग्रेटर की महापौर सौम्या गुर्जर की निगम हैरिटेज पर स्ट्राइक के बाद अब दोनों नगर निगमों में हड़कंप मचा हुआ है। ग्रेटर की एक अधिकारी पर बेवजह गाज गिर चुकी है और अन्य अधिकारी अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं कुछ अधिकरियों को बैठे-बिठाए नए साल का तोहफा मिल गया है।

गुरुवार को निकले दो आदेशों के बाद कहा जा रहा है कि निगम में अब जूनियर अधिकारी सीनियरों के ‘बॉस’ बनकर काम करेंगे। स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक दीपक नंदी ने आदेश जारी करके कर निर्धारक मोनिका सोनी को फिर एक बार उपायुक्त बनाया है। इस बार उन्हें उपायुक्त कार्मिक का जिम्मा दिया गया हैं, ऐसे में अब मोनिका सोनी ही ग्रेटर नगर निगम में अफसरों का सारा हिसाब-किताब रखेगी। सोनी के बारे में कहा जाता है कि उनकी हर पोस्टिंग विवादास्पद रहती है। मजेदार बात तो यह है कि इस पद पर पहले वरिष्ठ उपायुक्त कविता चौधरी अपनी सेवाएं दे रही थीं, जिन्हें सरकार ने नगर निगम से हटा दिया है।

कहा जा रहा है कि कविता चौधरी महापौर सौम्या गुर्जर के कोप का शिकार बनी हैं। मृत पशुओं को उठाने के मामले में महापौर सौम्या गुर्जर ने पशु चिकित्सक हरेंद्र सिंह चिराणा को एपीओ करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण चौधरी का तबादला हुआ बताते हैं, जबकि सूत्र कह रहे हैं कि पशुधन शाखा और महापौर के बीच चल रही रस्साकशी से चौधरी का कोई लेना-देना नहीं था।

इसबीच पशु चिकित्सक चिराणा तो एपीओ नहीं हुए, लेकिन ग्रेटर नगर निगम की ओर से मृत पशुओं को उठाने के मामले में एक आदेश जारी कर निर्देश दिया गया है कि पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरेंद्र सिंह चिराणा का काम पशुधन सहायक जितेंद्र वर्मा देखेंगे। अतिरिक्त आयुक्त आभा बेनीवाल की ओर से जारी किए आदेश में लिखा है कि शाखा उपायुक्त मोहन सिंह के मार्गदर्शन में वर्मा काम करेंगे। वहीं चिराणा की फाइल डीएलबी भेजकर निगम ने मार्गदर्शन मांगा गया है।

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